नाशिक रोड, लाल 🚨 दिवा -७ जुलाई २०२५ – रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के नाशिक रोड विभाग ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक को उसके परिजनों तक सकुशल पहुँचाया। गाड़ी संख्या ०१२११ के इंजन के सामने अचानक आये इस युवक को ट्रेन के लोको पायलट श्री पी. ए. चव्हाण ने सतर्कता बरतते हुए बचाया।
यह घटना ओढा और नाशिक के बीच किलोमीटर संख्या १९६/०४ के पास घटी। लोको पायलट श्री चव्हाण द्वारा युवक को बचाने के बाद, ट्रेन मैनेजर श्री गिरीश चौधरी को इस घटना की सूचना दी गई। यात्रियों की मदद से श्री चौधरी ने इस युवक को आरपीएफ नाशिक रोड पहुँचाया।
आरपीएफ के हवाले किए गए इस युवक की जेब से एक कागज़ मिला। उस पर लिखे ९२२६६४४७३५ नंबर पर संपर्क करने पर युवक की पहचान हो पाई। समाधान पवार (उम्र १८), निवासी माड सांगवी, तालुका व जिला नाशिक, यह इस युवक का नाम है और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त है, ऐसी जानकारी उसके पिता श्री विजय पांडुरंग पवार ने दी। समाधान का इलाज नाशिक के मानसिक अस्पताल में चल रहा है, यह भी उन्होंने बताया।
आरपीएफ द्वारा यह सूचना श्री पवार को देने के बाद, वे नाशिक रोड पुलिस थाने पहुँचे। साथ में समाधान के इलाज के कागजात और पहचान पत्र भी उन्होंने लाए। ट्रेन मैनेजर श्री गिरीश चौधरी की उपस्थिति में, उपनिरीक्षक श्री ए. के. तिवारी ने समाधान को उसके पिता श्री विजय पांडुरंग पवार और उनके मित्र श्री शंकर काशिनाथ भांगरे के सुपुर्द किया। इस दौरान कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
समाधान को बचाने के लिए उसके परिजनों ने लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और नाशिक रोड आरपीएफ का तहेदिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने आरपीएफ की इस मानवीय पहल की सराहना की।







